गुरुवार, 5 फ़रवरी 2009

तानाशाही !


जिसने की तानाशाही
उसको जग ने जूते खिलाई .

3 टिप्‍पणियां:

  1. हिन्दी को अंतरजाल पर समृद्ध करने के लिए आपका यह प्रयास अति सराहनीय है. आपका स्वागत है. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाऐं.

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  2. बहुत सुंदर…आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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